नवरात्रि की भक्ति और गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, अभिभावकों के समूहों को मिला पुरस्कार
जांजगीर चाम्पा :- जी.एल.डी. पब्लिक स्कूल, खैरताल, विकासखंड नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर गरबा डांस सेलिब्रेशन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवरात्रि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। गरबा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तहसील कार्यालय नवागढ़ के तहसीलदार श्री उमाकांत जायसवाल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री इन्द्रमणी सिंह ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के चेयरमैन श्री लालन प्रसाद देवांगन ने की। इस अवसर पर श्रीमती गुलाबाबाई देवांगन, विद्यालय के प्राचार्य श्री अभय कुमार सिंह तथा बड़ी संख्या में अभिभावकगण उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि ने बताया गरबा और नवरात्रि का महत्व
मुख्य अतिथि श्री उमाकांत जायसवाल ने अपने उद्बोधन में नवरात्रि पर्व के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना, शक्ति, भक्ति और नारी सम्मान का प्रतीक है। गरबा नृत्य भारतीय संस्कृति की समृद्ध लोकपरंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लोगों को आपसी प्रेम, सहयोग और एकता के सूत्र में बांधता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि ने सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की
विशिष्ट अतिथि सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री इन्द्रमणी सिंह ने नवरात्रि पर्व एवं गरबा नृत्य के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा भारतीय परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का संदेश दिया।
चेयरमैन ने गरबा को बताया एकता और भक्ति का प्रतीक
विद्यालय के चेयरमैन श्री लालन प्रसाद देवांगन ने अपने उद्बोधन में गरबा नृत्य की सांस्कृतिक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गरबा केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि सामूहिक आनंद, भक्ति, अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना विकसित करने के साथ-साथ उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की।
अभिभावकों के गरबा समूहों को मिला पुरस्कार
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण अभिभावकों की गरबा नृत्य प्रतियोगिता रही। अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक गरबा नृत्य में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समूहों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले समूह इस प्रकार रहे—
– प्रथम पुरस्कार: सेवती शर्मा ग्रुप
– द्वितीय पुरस्कार: शारदा बैरेट ग्रुप
– तृतीय पुरस्कार: पूजा यादव ग्रुप
पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी समूहों के सदस्यों में खुशी और उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। इस आयोजन ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच आपसी सहयोग, सहभागिता तथा सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने का संदेश दिया।
प्राचार्य ने व्यक्त किया आभार
विद्यालय के प्राचार्य श्री अभय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, चेयरमैन, श्रीमती गुलाबाबाई देवांगन तथा सभी अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अतिथियों की उपस्थिति और अभिभावकों के सहयोग से ऐसे आयोजन सफल एवं यादगार बनते हैं। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
भारतीय संस्कृति और परंपरा का सुंदर संगम
गरबा डांस सेलिब्रेशन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसे उत्साहपूर्वक प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में नवरात्रि की भक्ति, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला। अभिभावकों के पुरस्कार वितरण ने समारोह के उत्साह को और बढ़ा दिया। इस प्रकार जी.एल.डी. पब्लिक स्कूल, खैरताल का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामुदायिक सहभागिता का यादगार उदाहरण बना।


