जांजगीर चाम्पा :- वंदे मातरम् उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नवागढ़ में अध्ययनरत 8 से 10 वर्ष आयु के दो नाबालिग विद्यार्थियों को विद्यालय अवधि के दौरान उनके पालकों को सूचना दिए बिना चोरी के मामले में पूछताछ के लिए थाना नवागढ़ ले जाने के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। मामले में भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ द्वारा की गई शिकायत पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, नवागढ़ ने संज्ञान लेते हुए विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी किया है।

भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रत्नाकर द्वारा कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, नवागढ़ में प्रस्तुत शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 27 अगस्त 2026 को दोपहर लगभग 12 बजे विद्यालय में अध्ययनरत 8–10 वर्ष आयु के दो बच्चों को दो शिक्षिकाओं द्वारा उनके पालकों को बिना सूचना दिए थाना नवागढ़ ले जाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि थाना परिसर में बच्चों को पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने की बात कहकर भयभीत एवं डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। इसके चलते बच्चे भयभीत अवस्था में रोते हुए तथा डरे-सहमे थाना परिसर से बाहर निकले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, नवागढ़ द्वारा विद्यालय के संचालक/प्राचार्य को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में संबंधित शिक्षिकाओं को दो दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17(1) एवं 17(2) का उल्लेख करते हुए बच्चों को शारीरिक दंड एवं मानसिक उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान किए जाने की बात कही गई है। साथ ही विद्यालय अवधि में नाबालिग विद्यार्थियों को उनके पालकों को सूचित किए बिना थाना ले जाने तथा उन्हें भयभीत किए जाने संबंधी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग द्वारा शिकायतकर्ता सुरेन्द्र रत्नाकर, प्रदेश उपाध्यक्ष, भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ को भी की गई कार्रवाई से अवगत कराया गया है। वहीं मामले की जानकारी एवं कार्रवाई संबंधी पत्र की प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा को भी भेजी गई है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ ने कहा कि विद्यालय बच्चों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और विश्वास का स्थान होना चाहिए, भय और दबाव का नहीं। इतनी कम उम्र के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का डर, दबाव, धमकी या मानसिक उत्पीड़न गंभीर विषय है। संगठन ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच की जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी नाबालिग विद्यार्थी के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया कि संगठन बच्चों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाता रहेगा।


