जांजगीर चाम्पा :- जांजगीर-चांपा स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज में ठेका मजदूर गोरेलाल कंवर (40 वर्ष), निवासी ग्राम कुम्हारीखुर्द की ऊंचाई से गिरकर हुई दर्दनाक मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उद्योग प्रबंधन की घोर लापरवाही और मजदूर सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी का परिणाम है।प्राप्त जानकारी के अनुसार एंगल की कटाई के दौरान मजदूर ऊंचाई से नीचे गिर गया। यदि कार्यस्थल पर सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, लाइफलाइन, सुरक्षित प्लेटफॉर्म सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन कराया गया होता, तो आज एक परिवार का सहारा नहीं छिनता।
भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रत्नाकर ने कहा कि उद्योगों में बार-बार मजदूरों की मौत को “दुर्घटना” बताकर जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की जाती है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मजदूरों की जान किसी उद्योग के मुनाफे से कम नहीं है। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योग प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होना ही न्याय होगा।
भीम रेजिमेंट की प्रमुख मांगें—
1. पूरे मामले की मजिस्ट्रियल एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. प्रकाश इंडस्ट्रीज प्रबंधन एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
3. मृतक के परिजनों को ₹50 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार तथा सभी वैधानिक श्रम अधिकार तत्काल प्रदान किए जाएं।
4. जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का विशेष निरीक्षण कर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
सुरेन्द्र रत्नाकर ने कहा कि मजदूर कोई मशीन नहीं है कि उसकी मौत को सामान्य घटना मान लिया जाए। हर मजदूर का जीवन अमूल्य है। यदि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भीम रेजिमेंट पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।


