प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में सुरक्षित ठहराया गया, जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की
जांजगीर-चांपा, 17 जुलाई 2026। जिले में लगातार हो रही वर्षा के कारण अकलतरा विकासखंड के ग्राम कोटमीसोनार के समीप स्थित कर्रा नाला जलाशय के गेट में दरार आने तथा गेट के समीप बांध की मिट्टी कटने से जलाशय का पानी तेज़ी से निकल रहा था। स्थिति की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर कर्रा नाला जलाशय तथा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को राहत एवं मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी.सत्यलता आनंद मिरी, सीईओ जिला पंचायत श्री विनय पोयाम,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कश्यप, एसडीएम श्री सुमित बघेल,तहसीलदार सहित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे ।
कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग की दोनों संभागीय टीमों को मिशन मोड में मरम्मत कार्य करने के निर्देश दिए। विभाग की तकनीकी टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहकर गेट एवं बांध को सुरक्षित करने के प्रयास में जुटी हुई हैं।
संभावित जलभराव को देखते हुए प्रशासन द्वारा एहतियातन प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तहसील अकलतरा अंतर्गत ग्राम बड़ेअमेरी एवं कोटमीसोनार के भाटापारा क्षेत्र के लगभग 125 प्रभावित लोगों को कोटमीसोनार राहत शिविर में ठहराया गया है। राहत शिविर में सभी प्रभावितों के लिए भोजन, पेयजल एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम द्वारा सभी का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया तथा आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने कुटीघाट क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां कुछ घरों में पानी भरने की सूचना पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविर में ठहराया गया है। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को भोजन, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं निरंतर उपलब्ध कराने तथा मेडिकल टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जिला प्रशासन,पुलिस, जल संसाधन, स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मौके पर तैनात रहकर स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान किसी भी पुल, पुलिया अथवा तेज बहाव वाले नाले को पार करने का प्रयास न करें। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।


