रायपुर में करंट लगने से 30 वर्षीय शिवराम धीवर की मौत, 4 माह के मासूम के सिर से उठा पिता का साया
जांजगीर चाम्पा :- जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में मजदूर की करंट लगने से मौत के बाद मामला गरमा गया है। तिरुपति मोटर्स चांपा में करीब 8 वर्षों से फिटर-वेल्डर के रूप में कार्यरत 30 वर्षीय शिवराम धीवर को 2 अक्टूबर को काम के सिलसिले में रायपुर भेजा गया था। वहां कार्य के दौरान करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में मजदूर तिरुपति मोटर्स के सामने पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन किया। भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रत्नाकर भी संगठन के पदाधिकारियों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान मुरारकरा ब्रदर्स के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजदूरों की सुरक्षा और घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई गई।
निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने हादसे की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही रायपुर भेजे गए मजदूर की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों की भी जांच की मांग की गई।
शिवराम अपने पीछे चार माह का मासूम बच्चा छोड़ गया है। उसकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने न्याय और बच्चे के भविष्य को देखते हुए उचित सहायता की मांग की है।
मजदूर परिवार के साथ खड़ी भीम रेजिमेंट
भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रत्नाकर एवं संगठन के पदाधिकारियों ने मृतक के परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की आवाज बुलंद की। संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्यायसंगत मुआवजा दिलाने की मांग की है। मामले में मुरारकरा ब्रदर्स और तिरुपति मोटर्स प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।


